राजेंद्र कुमार… एक ऐसा कलाकार जिसने हिन्दी सिनेमा को कई हिट फिल्में दिया। एक समय ऐसा भी था जब राजेंद्र कुमार बॉक्स ऑफिस पर सफलता की गारंटी माने जाते थे। जुबली कुमार के नाम से मशहूर इस एक्टर ने 1950 में आई फिल्म ‘जोगन’ से अपने फिल्मी करियर की शुरूआत की। 1957 में आई फिल्म ‘मदर इंडिया’ ने उनके किस्मत का दरवाजे को खोल दिया…
आज हम आपको जुबली कुमार से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा बताएंगे जिसके बारे में शायद ही आप जानते होंगे। क्या यह बात यकीन करने लायक है कि फिल्म के एक शॉट की शूटिंग के दौरान राजेंद्र कुमार इतना घबरा गए कि उन्होंने अपने सारे पैसे फिल्म में डाकू का रोल निभाने वाले एक्टर को दे दिया। ये बात भले ही आप को फिल्मी लगे लेकिन सौ फीसदी सच है… यह घटना है फिल्म सस्ता खून मंहगा पानी का। फिल्म का सेट मुंबई के मोहन स्टूडियो में लगा था। डायेक्टर के. आसिफ ने इस फिल्म के सेट को असली पत्थरों से तैयार कराया था… डाकू बने एक्टर के कहा गया था कि कुल्हाड़ी का वार असली लगे इसलिए पूरी जान लगाकर कुल्हाड़ी मारे ताकि सेट पर लगवाए गए पत्थरों से चिंगारी निकल सके। डाकू बना एक्टर जब भी कुल्हाड़ी मारता राजेंद्र कुमार डर जाते। काफी रीटेक के बावजूद के आसिफ को उनका मनपसंद शॉट नहीं मिला… और उन्हें पैकअप करना पड़ा था। अगले दिन फिर से शूटिंग शुरू हुई तो राजेंद्र कुमार उस एक्टर के पास गए और अपने पर्श से सारे पैसे निकाल कर उसे देते हुए कहा कि यार कुल्हाड़ी जरा संभाल कर चलाना। मैं इसके डर की वजह से अपना सीन ठीक से नहीं कर पा रहा हूं… इसके बाद यह सीन दो टेक में ही फाइनल हो गया…
भले ही ये फिल्म किन्हीं वजहों से रिलीज नहीं हो पाई लेकिन राजेंद्र कुमार इस घटना को कभी भूला नहीं पाए।