मेरा नाम जोकर में अपने पिता के बचपन का रोल हो या फिर ‘102 नॉट आउट’ में 75 साल के शख्स का किरदार… ऋषि कपूर ने हर रोल में जान डालने के लिए जीतोड़ मेहनत की है। एक बार तो ऐसा हुआ कि प्रेम रोग की शूटिंग के दौरान बेहतर शॉट देने की टेंशन की वजह से बेहोश हो गए। इस फिल्म की कहानी एक सधारण परिवार के ग्रामीण युवक के इर्द गिर्द घूमती है… जिसे समाज के ऊपरी तबके की एक विधवा से प्रेम के कारण परिवार का विरोध झेलना पड़ता है। युवक की भूमिका में ऋषि कपूर और विधवा की भूमिका को पद्मिनी कोल्हापुरी ने निभाया है और फिल्म का निर्देशन राज कपूर ने किया है।
एक सीन में ऋषि को अपने प्रेमिका के गम में दु:खी हताश और पूरी तरह से टूटा हुआ दिखना था लेकिन वो इस रोल को ठीक से निभा नहीं पा रहे थे। कई रीटेक होने के बाद जब राज कपूर को उनका मन चाहा शॉट नहीं मिला तो उन्होंने ऋषि पर झल्लाते हुए कहा कि उन्हें यूसुफ वाला एक्ट चाहिए… तुम कर क्या रहे हो। राज कपूर के इस व्यवहार से ना सिर्फ ऋषि कपूर बल्कि सेट पर मौजूद दूसरे लोग भी सकते में आ गए… ऋषि, पापा राज की डांट सुनकर इतने ज्यादा टेंशन में आ जाते थे कि वे सेट पर बेहोश हो गए।

दरअसल, इस प्रेम रोग की शूटिंग के दौरान राज कपूर भी टेंशन में थे…. उन्हें एक हिट फिल्म की दरकार थी। क्योंकि इसके पहले आई उनकी फिल्म ‘सत्यम, शिवम सुंदरम’ बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कारोबार नहीं कर पाई थी। राज कपूर को काफी नुकसान उठाना पड़ा था। शायद यही वजह थी कि प्रेम रोग को बनाते समय किसी तरह का लापरवाही बर्दास्त नहीं कर पा रहे थे… छोटी-छोटी गलती पर वो गुस्सा हो जाते थे। राज कपूर के इसी टेंशन का शिकार ऋषि कपूर को होना पड़ाता था।