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सत्तर के दशक में हिन्दी सिनेमा में साधना एक नई फैशन आइकॉन के रूप में उभर कर सामने आई… उनका हेयर स्टाइल हो या फिर चूड़ीदार सलवार दोनों ही उस दौर के लड़कियों के बीच खासा लोकप्रिय हुआ… लेडीज पार्लर में साधना के पोस्टर्स इस बात के सुबूत थे कि उनके जैसे हेयर कट को लेकर लड़कियां किस कदर दीवानी थी। जो हेयर स्टाइल साधना कट के नाम पूरी दुनियां में मशहूर हुआ उसकी भी एक अपनी कहानी है… आप को यह जानकर आश्चर्य होगा कि साधना के कुछ कमियों को छुपाने के लिए उन्हें यह हेयर कट दिया गया था…

साधना को ये हेयर कट जानेमाने निर्देशक आर.के. नैय्यर ने दी थी। जो उन्हे लेकर ‘लव इन शिमला’ बना रहे थे… नैय्यर चाहते थे कि साधना का चौड़ा माथा हल्का सा ढ़क जाए। ताकि उनके लुक को और बेहतर बनाया जा सके। राजकपूर की फिल्म श्री 420 के एक गाने मुड़ मुड़ के ना देख में साधना बतौर बैकग्राउंड डांसर काम कर चुकीं थी। दमदार अभिनय क्षमता, आकर्षक मुस्कान और उम्दा डांसर होने के बावजूद साधना का चौड़ा माथा उन्हें एक सफल अभिनेत्री बनने से बार बार रोक रहा था। ये वो दौर था जब हीरोइन बनने की सबसे अहम बात होती थी ‌कि आप दिखती कैसी है।

नैय्यर को एक तरकीब सूझी। उन्होंने साधना को हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और ‘ब्रेकफास्ट एट टिफनीज’ की अदाकारा ‘ऑड्री हेपबर्न’ से मिलता जुलती लुक देने का फैसला किया… उन्होंने खुद बैठकर साधना के माथे के ठीक ऊपर के बाल छोटे कराए ताकि वो माथे पर लटकने लगे। हेयर कट के बाद जब साधना ने खुद को देखा तो उनका पहला रिएक्शन था कि वो पहले से ज्यादा बेकार दिख रही हैं। लेकिन उन्हें क्या पता था कि आगे चलकर यही हेयर कट उनकी पहचान बन जाएगी। देवानंद के साथ उनकी फिल्म ‘हम दोनों’ और 1965 में आई मल्टी स्टारर फिल्म ‘वक्त’ की कामयाबी के बाद साधना से ज्यादा उनके हेयर स्टाइल के चर्चे होने लगे।